Saroj khan death | RIP saroj khan | Saroj khan death news
साल 2020 पूरी दुनिया के साथ साथ बॉलीवुड के लिए भी काफी नुकसानदेह रहा है | इस वर्ष बॉलीवुड ने अपने नए - पुराने कई कलाकारों को खोया है | आज बॉलीवुड की जानी-मानी choreographer सरोज़ खान का निधन हो गया | उनका जन्म 22 नवंबर 1948 में हुआ था और उन्होंने अपनी अंतिम सांसें 3 जुलाई 2020 को मुंबई के गुरु नानक अस्पताल में लीं | वह 71 वर्षों की थीं , उनकी मौत की वजह हृदयगति रुकने की बताई जा रही है | 23 जून को सरोज खान को सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था जिसके बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई तथा धीरे - धीरे उनके सेहत में सुधार हो रहा था | लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक से उनकी सेहत बिगड़ी और 3 जुलाई की सुबह को उनका निधन हो गया |

सरोज खान की माँ का नाम किश्चानाद साधु सिंह था और पिताजी का नाम नोनी साधु सिंह था|उन्होंने मात्र 3 साल की उम्र से ही काम करना शुरु कर दिया था | वह पहली बार फिल्म नज़राना में एक बाल कलाकार के रूप में नज़र आयी थीं, उस किरदार का नाम शय्मा था | उन्होंने फिल्म choreographer बी.सोहनलाल के तहत डांस सीखा |
बाद में वो खुद एक कोरियोग्राफर के रूप में करियर की शुरुआत की |पहले assistant -choreographer थी ,फिर बाद में वो स्वतंत्र choreographer बन गयी| "गीता मेरा नाम " (1974 ) आयी फिल्म में उन्होंने पहली बार एक स्वतंत्र कोरियोग्राफर के रूप में काम किया था|
हालांकि उन्हें नाम काम में कई सालो का लम्बा इंतज़ार भी करना पड़ा था,पर श्री देवी के मिस्टर हवा हवाई(1987 ) और चांदिनी (1989 )के गानो से उन्हें सफलता मिली|उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ के नहीं देखा| एक के बाद एक सुपरहिट गानो में काम किया|उसके बाद माधुरी दीक्षित के साथ तेज़ाब में एक दो तीन (1988 ) ,थानेदार में तम्मा तम्मा लोगे(1990 ), बेटा में धक् धक् (1992 ) जैसे हिट गाने दिए| फिर उन्हें बॉलीवुड की सफल कोरियोग्राफर में गीना जाने लगा । उन्होंने करीब 2000 गानो में अपना योगदान दिया है | उन्हें "मदर ऑफ़ डांस" भी कहा जाता है |

उन्होंने ना सिर्फ बड़े परदे पर छोटे परदे पर भी काम किया है| वो 2004 में प्रसारित एक रियलिटी शो नच बलिये में भी काम किया | 2008 में ndtv imagine पर नाच बलिये विथ सरोज खान नाम का एक धारावाहिक लेकर आयी| वह कई मशहूर धारावाहिक में बतौर जज है जैसे- झलक दिखला जा ,उस्तादों के उस्ताद | उन्हें उनके अमूल्य योगदान के लिए कई पुरस्कारों से नवाजा गया:-
नेशनल फिल्म अवार्ड फॉर बेस्ट कोरियोग्राफी -
1. देवदास (2003 )- डोला रे डोला
2. सृंगाराम (2006 )
3. जब वे मेट (2008 )
फिल्मफेयर बेस्ट कोरियोग्राफी अवार्ड्स -
1. गुरु (2007 )
2. देवदास(2003 )
3. हम दिल दे चुके सनम(2000)
4. खलनायक (1998)
5. बेटा (1993)
6. सैलाब (1991)
7. चालबाज़ (1990)
8. तेज़ाब (1988 )
अमेरिकन कोरियोग्राफी अवार्ड -
फीचर फिल्म में उत्कृष्ट उपलब्धि (2002) -
लगान: वन्स अपॉन अ टाइम इन इंडिया (2001)
फिल्म जगत के लिए साल बहुत ही मनहूस रहा है | सरोज खान की मृत्यु से फिल्म जगत को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है।पूरा बॉलीवुड शोक में है |उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा ।भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इससे निकलने की शक्ति दे |
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